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शनिवार, 5 मार्च 2022

कृष्णा जी की आरती - Krishna Ji Ki Aarti - धार्मिकग्रन्थ

कृष्णा जी की आरती | Krishna ji ki aarti
कृष्णा जी की आरती | Krishna ji ki aarti 


आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥२॥

गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला ।
श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला ।
गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली ।
लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक, चंद्र सी झलक,
ललित छवि श्यामा प्यारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥२॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं ।
गगन सों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग, ग्वालिन संग,
अतुल रति गोप कुमारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥२॥

जहां ते प्रकट भई गंगा, सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
स्मरन ते होत मोह भंगा, बसी शिव सीस, जटा के बीच, हरै अघ कीच,
चरन छवि श्रीबनवारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥२॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू ।
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू, हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद, कटत भव फंद,
टेर सुन दीन दुखारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥२॥


krishna ji ki aarti


शुक्रवार, 4 मार्च 2022

आरती श्री रामायण जी की - Aarti Shri Ramayan Ji Ki - धार्मिकग्रन्थ

आरती श्री रामायण जी की
आरती श्री रामायण जी की

आरती श्री रामायण जी की

आरती श्री रामायण जी की, कीरति कलित ललित सिया-पी की,

गावत ब्राह्मादिक मुनि नारद, बालमीक विज्ञान विशारद

शुक सनकादि शेष अरु शारद, बरनि पवनसुत कीरति नीकी || 1 ||


आरती श्री रामायण जी की, कीरति कलित ललित सिया-पी की,


गावत वेद पुरान अष्टदस, छओं शास्त्र सब ग्रन्थन को रस ||

मुनि-मन धन सन्तन को सरबस, सार अंश सम्मत सबही की || 2 ||


आरती श्री रामायण जी की, कीरति कलित ललित सिया-पी की,


गावत सन्तत शम्भू भवानी, अरु घट सम्भव मुनि विज्ञानी

व्यास आदि कविबर्ज बखानी, कागभुषुण्डि गरुड़ के ही की || 3 ||


आरती श्री रामायण जी की, कीरति कलित ललित सिया-पी की,


कलिमल हरनि विषय रस फीकी, सुभग सिंगार मुक्ति जुबती की,

दलन रोग भव मूरि अमी की, तात मात सब विधि तुलसी की || 4 ||


आरती श्री रामायण जी की, कीरति कलित ललित सिया-पी की ||