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बुधवार, 20 फ़रवरी 2019

Maa Durga Ji Ki Aarti - जय अम्बे गौरी - दुर्गा जी की आरती - धार्मिकग्रन्थ

Maa durga ki aarti | aarti jai ambe gauri
माँ दुर्गा जी की आरती
माँ दुर्गा जी की आरती - हिन्दू धर्म के अनुसार माँ  दुर्गा जी  को सर्वोपरि माना गया है | माँ दुर्गा जी को आदि शक्ति के नाम से भी जाना जाता है | ऐसी मान्यता है की माँ दुर्गा जी भौतिक संसार में सभी दुखों की दात्री है | उनकी भक्ति एवं आरती गाने मात्र से ही सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है | हिन्दू धर्म के अनुसार माँ दुर्गा जी की आरती का अधिक विशेष महत्व है...

 माँ दुर्गा जी की आरती हिंदी में  


ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी |
तुमको निशि दिन ध्यावत, हरी ब्रह्मा शिवरी ||
ॐ जय अम्बे गौरी...

मांग सिंदूर विराजत, टिको मृगमद को |
उज्जवल से दोउ नैना, चन्द्रवदन नीको ||
ॐ जय अम्बे गौरी...

कनक सामान कलेवर, रक्ताम्बर राजै |
रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै ||
ॐ जय अम्बे गौरी...

केहरी वाहन राजत, खड़ग खप्पर धारी |
सुर - नर मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ||
ॐ जय अम्बे गौरी...

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती |
कोटिक चन्द्र दिवाकर, राजत सैम ज्योति ||
ॐ जय अम्बे गौरी...

शुम्भ निशुम्भ विदारे, महिषासुर घाती |
धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मतमाती ||
ॐ जय अम्बे गौरी...

चंड - मुंड संहारे, शौणित बीज हरे |
मधु - कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे ||
ॐ जय अम्बे गौरी...

ब्रह्माणी, रुद्राणी, तुम कमला रानी |
आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ||
ॐ जय अम्बे गौरी...

चौंसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरू |
बाजत ताल मृदंगा, और बाजत डमरू ||
ॐ जय अम्बे गौरी...

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता |
भक्तन की दुःख हरता, सुख सम्पत्ति करता ||
ॐ जय अम्बे गौरी...

भुजा चार अति शोभित, वरमुद्रा धारी |
मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी ||
ॐ जय अम्बे गौरी...

कंचन थाल विराजत, अगर कपूर भाती |
श्रीमालाकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति ||
ॐ जय अम्बे गौरी...

माँ अम्बे जी की आरती, जो कोई नर गावे |
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख - संपत्ति पावे ||
ॐ जय अम्बे गौरी...